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​‘सम्पूर्ण स्वास्थ्य एवं खुशमय जीवन की शुरूआत’ विषय पर ​डॉ. गिरीश पटेल का व्याख्यान

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व्यायाम और ध्यान से शरीर और मन स्वस्थ रहते हैं : गिरिश पटेल
– प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हिसार द्वारा ‘सम्पूर्ण स्वास्थ्य एवं खुशमय जीवन की शुरूआत’ विषय पर कार्यक्रम आयोजित –
– मुंबई से आए अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मनोचिकित्सक डॉ. गिरीश पटेल ने दिया व्याख्यान –
हिसार 1 अप्रैल : प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय हिसार द्वारा पीस पैलेस बालसमंद रोड हिसार में

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‘सम्पूर्ण स्वास्थ्य एवं खुशमय जीवन की शुरूआत’ विषय पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमें मुंबई से पधारे अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त मनोचिकित्सक

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डॉ. गिरीश पटेल ने व्याख्यान देते हुए कहा कि बीमार होने के बाद हम जो कष्ट उठाते हैं उससे अच्छा है प्रतिदिन हम कुछ मेहनत करें तो बीमारियां होंगी ही नहीं। उन्होंने कहा कि स्वस्थ रहने का सबसे सरल, सस्ता और सर्वाेत्तम तरीका व्यायाम है। व्यायाम करने से बुरी चर्बी नष्ट होती है और अच्छी चर्बी जमा होती है। ज्यादा पैसा इकट्ठा करके हम सुखी नहीं रह सकते अत: व्यायाम के लिए प्रतिदिन समय जरूर निकालें। सुबह उठकर 15 मिनट पैदल सैर करने से 25 प्रकार के फायदे होते हैं।

स्वस्थ रहने के लिए उन्होंने 7 सिद्धांत भी बताए। मीठा खाने से 78 प्रकार के नुकसान होते हैं जितना मीठा कम खाओगे उतना शरीर स्वस्थ रहेगा। उन्होंने बताया कि आहार ही औषधि है जो भी खाएं सावधानी से खाएं जब भूख लगे तभी खाएं व भोजन भूख के अनुसार ही लें। फलों का सेवन खाली पेट करें। जो चीजें शरीर के लिए हानिकारक हैं उनका परहेज करें। मन को शक्तिशाली बनाने के लिए उन्होंने मैडिटेशन की सलाह दी। उन्होंने बताया कि मैडिटेशन से मानसिक शक्तियों का संतुलन होता है व व्यवहार में परिवर्तन आता है। अस्थमा के रोगियों के लिए मैडिटेशन सबसे उपयोगी है।
उन्होंने कहा कि तनाव के बहुत से कारण हैं परंतु 98 प्रतिशत तनाव भूतकाल व भविष्यकाल के बारे में सोचते रहते हैं व उसी में जीते हैं और वर्तमान में हम कभी नहीं जीते। हमें वर्तमान का पूरा आनंद लेना है तभी तनाव कम होगा। वर्तमान में जीना बहुत बड़ी उपलब्धि है। इससे एका
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ग्रता बढ़ेगी, याददाश्त अच्छी होगी। तनाव हमें अपने स्वयं के विचारों के कारण ही आता है यदि हम समस्या के बारे में अपना दृष्टिकोण ही बदल दें तो समस्या ही बदल जाएगी। इससे निजात पाने के लिए विचारों पर रोक लगाएं, किसी भी स्थिति को चुनौति के रूप में लें उससे डरें नहीं क्योंकि समस्या का मुकाबला करने से हमारी क्षमता बढ़ेगी और हम उसे हल कर पाएंगे। उन्होंने खुश रहने के छोटे-छोटे कई सरल नुस्खे बताए। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलित करके किया गया।

इस अवसर पर मुख्य रूप से एडिशनल सैशन जज आर.के. जैन, जेल अधीक्षक सतपाल कासनियां, डॉ. रमेश जिंदल, अग्रोहा सीडीपीओ कुसुम मलिक, पूर्व सहायक रजिस्ट्रार एचएयू ओमप्रकाश मलिक, प्रो. वेद गुलियानी, डॉ. सोमप्रकाश, राजकुमार गांधी सीए, डॉ. सोमप्रकाश, एम.एल. बजाज, वेदप्रकाश गावड़ी, डॉ. आर.के. मलिक व डॉ. आर.के. कौशिक आदि उपस्थित रहे।